- यथा राजा तथा प्रजा ( जैसे स्वामी वैसे सेवक )
- या तो बाप दिखाओ या श्राद्ध करो
- यश कमाना
- यश गाना
- यश लूटना
- यमलोक पहुँचाना
- यकीन आना
V
- वक्त पर खोटा सिक्का काम आता है
- विषस्य विष औषधम
- विष रस भरा कनक घट जैसे
- विद्या होवे कण्ठ रुपईया होवे गंठ
- वीरता बघारना
- विभीषण होना
- वक्त बुरा हो तो ऊँट पर बैठे को भी कुत्ता काट लेता है
- वक्त बुरा हो तो पाँच फीट का आदमी चार फीट पानी में डूबता है
- वक्त बलवान होता है आदमी नहीं
- वजूद पकड़ना
- वीरगति को प्राप्त होना
U
- उल्टी गंगा बहाना ( नियम के विरुद्ध कार्य करना )
- ऊँट के मुँह मे जीरा (अत्यंत अल्प)
- ऊँट किस करवट बैठता है
- उल्लू सीधा करना
- उल्टे बाँस बरेली को
- उंगली उठाना (लांछन लगाना )
- उड़ती चिड़िया पहचानना (किसी की बात जान जाना )
- उल्लू बनाना (मूर्ख बनाना )
- उंगली पर नचाना (वश में करना )
- उखड़ी उखड़ी बात करना ( बेरुखी दिखाना )
- उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे (अपना अपराध न मानना व पूछने वाले को दोषी कहना )
- उतर गयी लोई तो क्या करेगा कोई ( निर्लज्ज व्यक्ति किसी की चिंता नहीं करता)
- ऊँची दुकान फीका पकवान (दिखावा ही दिखावा)
- उधो का लेना न माधो का देना (किसी से कोई मतलब नहीं)
- उंगली नचाना
- उंगली पकड़ कर पहुँचा पकड़ना
- उंगली रखना
- उऋण होना
- उंकड़ू बैठना
- उखड़ा-उखड़ा
- उखाड़ फेंकना
- उखाड़-पछाड़
- उछल-कूद मचाना
- उछल कूद धरी रह जाना
- उजला मुँह करना
- उठ जाना
- उठती उम्र
- उठती जवानी
- उठना-बैठना
- उठा रखना
- उड़नछू होना
- उड़ आना
- उड़ चलना
- उड़ती खबर
- उड़ान भरना
- उड़ा देना
- उथल-पुथल मचाना
- उत्साह भंग करना
- उदय से अस्त तक
- उधर खाये फिरना
- उधेड़ कर रख देना
- उन्नीस बीस होना
- उन्नीस होना
- उस्तादी दिखाना
- उल्लू बोलना
- उल्टे पाँव लौटना
- उल्टी खोपड़ी
- उल्टा ज़माना
- उल्टा तवा
- उरूज़ पर होना
- उम्मीद बर आना
- उम्मीदों पर पानी फिरना
- उम्र का पैमाना/प्याला भर जाना
- उफ़ न करना
- उबल पड़ना
- उपकार करना
- उपकार मानना
- उमंग भरा
- उलटना पलटना
- ऊँच-नीच
- ऊँच-नीच से वाकिफ होना
- ऊँचा बोल ऊँट की चोरी और झुके झुके
- ऊँची उड़ान
- ऊँचे-नीचे पाँव पड़ना
- ऊँचे इरादे होना
- ऊत का ऊत
- ऊन की दून मारना
- ऊपर की आमदनी
No comments:
Post a Comment